नवरात्रि पर्व विशेष घटारानी, जतमई और झरझरा देवी मंदिर में इस नवरात्रि रहेगी धूम

राजिम :- हिन्दू नववर्ष के साथ प्रारंभ होने वाली इस चैत्र नवरात्रि में आज से रामनवमी तक राजिम-गरियाबंद अंचल के प्रसिद्ध तीर्थस्थलो में शुमार माँ घटारानी, माँ जतमई और माँ झरझरा के पावन दरबार में माता के सानिध्य प्राप्त करने का यह शुद्धि पर्व साधकों के साथ-साथ माता के भक्तों के लिए खास रहने वाला है. क्योकि उपरोक्त सभी दरबार में इसकी व्यापक तैयारी पूरी कर ली गई है. ज्योति-कलश प्रज्जवलित होने के साथ भक्ति भाव पूर्ण मनोकामना पूर्ति यज्ञ की शुरुआत हो जाएगी. जिसमे माता के दरबार तक हाजिरी लगाने आने वाले भक्तों और श्रद्धालुओं की मिन्नते पूर्ण होने की कामना साधक मंडली द्वारा किया जाकर यह नौ दिनी महायज्ञ पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो जाएगी.

राजिम-गरियाबंद क्षेत्र के पांडुका अंचल में विराजित माता का यह भव्य दरबार लाखोँ भक्तों के आस्था का केंद्र भी है. जिसे शासन के सहयोग से पर्यटन स्थल के अनुरूप विकसित किया जाना प्रस्तावित है. स्थानीय समूहों द्वारा अपने स्तर पर नवरात्रि के इस आयोजन को भव्य और दिव्य रूप देने कोई कसर बाकी नहीं रखा जाता है जिससे श्रद्धालुओं को यहाँ आने और माता के आशीर्वाद प्राप्त करने किसी भी प्रकार का कोई कठिनाई ना हो इसका ख्याल रखा जाता है जिसमे स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे का सहयोग अपेक्षित रहता आया है ताकि व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके.

जतमई और घटारानी को शासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से काफी हद तक व्यवस्थित किया जा सका है. लेकिन झरझरा देवी का प्रांगण जो उससे भी ज्यादा असीमित संभावनाओं को अपने में समेटे हुये है और धार्मिक रूप से काफी समृद्ध भी है. जिसे उपेक्षित छोड़ दिया गया है जो जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ जैसा प्रतीत होता है. यहाँ पहुचने सुगम रास्ते की मांग ग्रामीण निरंतर करते आ रहे है बावजूद स्थानीय प्रशासन अनेकों निवेदन के बाद भी लोहर्सी गाँव में नया पुल से महज दो किलोमीटर का संपर्क और एप्रोच रोड की स्वीकृति अब तक नहीं दे पाया है जो शासन और प्रशासन की कर्मठता की पोल खोलने काफी है.

मुरमुरा के ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधि ही नहीं बल्कि माँ झरझरा के दर्शन लाभ के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की मांग को दरकिनार कर जिला और स्थानीय प्रशासन के साथ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का उदासीन रुख़ से सभी हैरान है. क्षेत्र के समाजसेवी गणेश साहू ने तत्संबंध में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और पीडब्लूडी मंत्री अरुण साव से मुलाकात कर माता झरझरा संपर्क मार्ग को लोहर्सी नया पुल से जोड़ने की मांग पत्र तक सौप चुके है जिसमे उन्हें माननीय मंत्री महोदय से पुख्ता आश्वासन मिला था की एप्रोच रोड जल्द से जल्द बनवा दी जायेगी. बावजूद आज तक माता के दरबार जाने के लिए एप्रोच रोड नहीं बनाया जा सका है जिससे श्रद्धालुओं में रोष और नाराजगी देखा गया है.

दुर्भाग्य से इस नवरात्रि भी श्रद्धालुओं और माता के भक्तों को और तकलीफ उठाने मजबूर रहना होंगा और यह सब विभागीय उदासीनता की पराकाष्ठा का एक नायाब नमूना कहा जा सकता है. लोहर्सी सरगी नाला पर बना नया पुल की सार्थकता तभी है जब उसे किसी गाँव से जोड़ा जावे. अब तक इस पुल को किसी गाँव से जोड़ा ही नहीं गया है जो गौर करने वाली बात है.

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